1. षट्खंडागम - आचार्य पुष्पदंत, आचार्य भूतबलि 2. समयसार - आचार्य कुंदकुंद 3. नियमसार - आचार्य कुंदकुंद 4. प्रवचनसार - आचार्य कुंदकुंद 5. अष्टपाहुड़ - आचार्य कुंदकुंद 6. पंचास्तिकाय - आचार्य कुंदकुंद 7. रयणसार - आचार्य कुंदकुंद 8. दश भक्ति - आचार्य कुंदकुंद 9. वारसाणुवेक्खा - आचार्य कुंदकुंद 10. तत्त्वार्थसूत्र - आचार्य उमास्वामी 11. आप्तमीमांसा - आचार्य समन्तभद्र 12. स्वयंभू स्तोत्र - आचार्य समन्तभद्र 13. रत्नकरण्ड श्रावकाचार - आचार्य समन्तभद्र 14. स्तुति विद्या - आचार्य समन्तभद्र 15. युक्त्यनुशासन - आचार्य समन्तभद्र 16. तत्त्वसार - आचार्य देवसेन 17. आराधना सार - आचार्य देवसेन 18. आलाप पद्धति - आचार्य देवसेन 19. दर्शनसार - आचार्य देवसेन 20. भावसंग्रह - आचार्य देवसेन 21. लघु नयचक्र - आचार्य देवसेन 22. इष्टोपदेश - आचार्य पूज्यपाद (देवनन्दी) 23. समाधितंत्र - आचार्य पूज्यपाद (देवनन्दी) 24. सर्वार्थसिद्धि - आचार्य पूज्यपाद (देवनन्दी) 25. वैद्यक शास्त्र - आचार्य पूज्यपाद (देवनन्दी) 26. सिद्धिप्रिय स्तोत्र - आचार्य पूज्यपाद (देवनन्दी) 27. जैनेन्द्र व्याकरण - आचार्य पूज्य...
दूरी दूरट्ठिओ ण दूरो, जो जस्स मणम्मि णिच्चं संठिओ। जो जस्स हिअए णत्थि, समीवट्ठिओ वि अइ दूरओ।। जो जिसके मन में सदा बसा है, वह दूर रहकर भी पास है। और जो जिसके हृदय में नहीं बसा, वह समीप रहकर भी अत्यन्त दूर है। अनेकांत २३/०८/२६