*डॉ. हरमन जैकॉबी: जैन धर्म के प्रसिद्ध पश्चिमी दूत* @@@@@@@@@@ डॉ. हरमन जैकॉबी का संक्षिप्त परिचय: डॉ. हरमन जैकॉबी (11 सितंबर 1850 – 15 फरवरी 1937) जर्मनी के प्रसिद्ध इंडोलॉजिस्ट थे। उन्होंने प्रसिद्ध बर्लिन विश्वविद्यालय से संस्कृत, प्राकृत और तुलनात्मक भाषाविज्ञान में विशेषज्ञता प्राप्त की। उन्होंने ये भारतीय भाषाएं इसलिए सीखीं ताकि वे प्राचीन ग्रंथों के ज्ञान को मूल रूप में समझ सकें। भारतीय दर्शन के अध्येता के रूप में उन्होंने जैन आगमों के गहन अध्ययन को प्राथमिकता दी। जैन धर्म से उस समय उस समय पश्चिम के विद्वान अपरिचित थे। जीवनभर जैन साहित्य पर शोध कर, वे जैन धर्म को वैश्विक पटल पर लाए। जैन धर्म के प्रति उनका अमूल्य योगदान: जैकॉबी ने जैन प्राकृत ग्रंथों—आचारांग सूत्र, सूत्रकृतांग, कल्पसूत्र आदि—का जर्मन- अंग्रेजी भाषाओं में अनुवाद किया। 1884-1895 में "Sacred Books of the East" (खंड 22, 45) में प्रकाशित Jaina Sutras उनका प्रमुख कार्य है (Archive.org पर मुफ्त उपलब्ध)। उन्होंने स्पष्ट किया: _"जैन धर्म बौद्ध धर्म से अलग है एवं महावीर के पहले भी जैन तीर्थंकर थे"_...